मंगल ग्रह के भूमिगत ‘झीलें’ हो सकती हैं जमी हुई मिट्टी के भंडार
मंगल ग्रह पर तरल पानी की खोज
मंगल ग्रह पर पिछले जीवन के सबूत खोजने की कोशिशों ने कई अध्ययनों को जन्म दिया है जो यह जांचते हैं कि क्या वहां अब भी तरल पानी मौजूद हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कई अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव के बर्फीले स्तर के नीचे तरल पानी हो सकता है।
भूमिगत झीलों का रडार पता लगाना
मंगल ग्रह पर तरल पानी के सबसे प्रभावशाली सबूत यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर पर मौजूद मार्स एडवांस्ड रडार फॉर सबसरफेस एंड आयनोस्फियर साउंडिंग (MARSIS) उपकरण से एकत्रित आंकड़ों से मिले। रडार ने ग्रह से मजबूत और चमकदार संकेत पकड़े, जो आमतौर पर पानी की मौजूदगी से जुड़ा होता है।
तरल पानी की परिकल्पना की चुनौतियाँ
लेकिन मंगल ग्रह बेहद ठंडा है, औसत तापमान माइनस 62 डिग्री सेल्सियस। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी कठोर परिस्थितियों में तरल पानी कैसे टिक सकता है। कुछ वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि पानी में भारी मात्रा में नमक हो सकता है या यह भू-तापीय गतिविधि से गर्म हो सकता है। लेकिन अध्ययनों से पता चला है कि इनमें से कोई भी स्थिति मंगल के दक्षिणी ध्रुव पर संभव नहीं है।
वैकल्पिक परिकल्पना: जमी हुई मिट्टी के भंडार
जर्नल Geophysical Research Letters में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने वैकल्पिक परिकल्पना दी है: MARSIS द्वारा पकड़े गए चमकदार रडार संकेत तरल पानी नहीं बल्कि स्मेक्टाइट्स नामक जमी हुई मिट्टी के भंडार हो सकते हैं। स्मेक्टाइट्स एक प्रकार की मिट्टी होती है जो ज्वालामुखीय चट्टानों के पानी से प्रतिक्रिया कर बनती है और अपनी संरचना में भारी मात्रा में पानी रखती है।
मंगल ग्रह पर स्मेक्टाइट्स के सबूत
शोधकर्ताओं ने स्मेक्टाइट्स का विश्लेषण किया और पाया कि ये MARSIS द्वारा पकड़े गए समान रडार परावर्तन उत्पन्न कर सकते हैं, चाहे वे अन्य पदार्थों के साथ मिले हों। उन्होंने मंगल के दक्षिणी ध्रुव से दृश्य और अवरक्त प्रकाश के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद वहाँ स्मेक्टाइट्स होने के सबूत भी पाए।
मंगल ग्रह को समझने के प्रभाव
मंगल ग्रह पर स्मेक्टाइट्स की खोज का अर्थ है कि हमें ग्रह के इतिहास और बसने की संभावना को समझने में नई जानकारी मिलती है। मिट्टी के खनिजों की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि मंगल का दक्षिणी ध्रुव कभी इतना गर्म था कि वहाँ तरल पानी रह सकता था। समय के साथ यह मिट्टी बर्फ के नीचे दब गई और जमी हुई अवस्था में संरक्षित रह गई।
भविष्य का अनुसंधान
स्मेक्टाइट्स की उपस्थिति की पुष्टि करने और मंगल के दक्षिणी ध्रुव के भूमिगत भंडार की प्रकृति का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं को अधिक उन्नत उपकरणों की जरूरत होगी जो सीधे पदार्थों का नमूना ले सकें। भविष्य के अध्ययन मंगल ग्रह पर मिट्टी के खनिजों की विविधता और उनकी भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं में भूमिका की भी जांच करेंगे।
मंगल ग्रह के भूमिगत भाग की खोज
मंगल ग्रह पर तरल पानी और रहने योग्य वातावरण के सबूत की खोज ग्रहीय अन्वेषण का एक प्रमुख केंद्र बिंदु बना हुआ है। मंगल के दक्षिणी ध्रुव के भूमिगत भंडारों का अध्ययन कर वैज्ञानिक ग्रह के अतीत और वर्तमान परिस्थितियों और जीवन समर्थन की संभावना को बेहतर ढंग से समझने की उम्मीद करते हैं।
