चार्ल्सटन में स्वतंत्रता दिवस: संघ और विघटन के बीच फँसा शहर
विघटन की कगार पर दक्षिणवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस का महत्व
जब 1860 की गर्मियों में संयुक्त राज्य अमेरिका पर विघटन का खतरा मंडरा रहा था, तब स्वतंत्रता दिवस दक्षिणवासियों के लिए एक नए और गहरे अर्थ लेकर आया। दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन—विघटन की जन्मभूमि—चौथी जुलाई का उत्सव शहर में व्याप्त जटिल और परस्पर-विरोधी भावनाओं का सूक्ष्म प्रतिबिंब था।
चार्ल्सटन की स्वतंत्रता की उत्सव
4 जुलाई 1860 को चार्ल्सटन के कुलीन नागरिक परम्परागत स्वतंत्रता दिवस भोज के लिए हिबर्नियन हॉल में जुटे। मुख्य अतिथि थे सम्मानित कांग्रेस सदस्य और विघटनवादी विलियम पोर्चर माइल्स, जो मानते थे कि अमेरिका को दो अलग-अलग राष्ट्रों में बँट जाना चाहिए।
रात बढ़ने के साथ एक कविता सुनाई गई जिसने संघ के आसन्न पतन पर निराशा जताई। कविता का संदेश स्वतंत्रता की व्यापक अमेरिकी आकांक्षा को विघटनवादियों के उद्देश्य से जोड़ने के प्रयास को झटका दे गया।
विघटनवादी दृष्टिकोण
कविता की विघटन-विरोधी भावना के बावजूद कई चार्ल्सटनवासी विघटन के प्रति दृढ़ रहे। वे खुद को अत्याचार के खिलाफ विद्रोही—ब्रिटेन से अमेरिकी स्वतंत्रता के लिए लड़े अपने पूर्वजों की तरह—मानते थे।
विघटनवादियों का विश्वास था कि उत्तर उनके संवैधानिक अधिकारों—विशेषकर दास रखने के अधिकार—का उल्लंघन कर रहा है। उन्हें लगता था कि अपने जीवन-पद्धति की रक्षा का एकमात्र उपाय विघटन है।
संघवादी दृष्टिकोण
जबकि विघटनवादी मुखर और प्रभावशाली थे, फिर भी कई चार्ल्सटनवासी संघ के प्रति वफादार बने रहे। वे मानते थे कि एकता के बंधन और स्वतंत्रता की घोषणा में निहित आदर्श उत्तर-दक्षिण के किसी भी मतभेद से ऊपर हैं।
स्वतंत्रता दिवस का विघटन पर प्रभाव
1860 में चार्ल्सटन में स्वतंत्रता दिवस भारी तनाव और अनिश्चितता का समय था। विघटनवादियों ने इस अवसर को अपने उद्देश्य के समर्थन में उपयोग किया, जबकि संघवादी राष्ट्र को बचाए रखने की आशा पकड़े रहे।
अंततः विघटनवादी विजयी रहे। चार्ल्सटन confederacy की जन्मस्थली बन गया और शीघ्र ही गृहयुद्ध छिड़ गया। फिर भी स्वतंत्रता दिवस की परम्परा और उसके द्वारा प्रतिनिधित्व होने वाले आदर्श चार्ल्सटन और पूरे राष्ट्र में गूँजते रहे।
चार्ल्सटन के स्वतंत्रता दिवस की विरासत
1860 के चार्ल्सटन में स्वतंत्रता दिवस की घटनाओं ने शहर और राष्ट्र पर स्थायी छाप छोड़ी। उन्होंने अमेरिकी समाज के भीतर गहरे विभाजन और संघ की नाजुकता को उजागर किया।
बाद में छिड़ा गृहयुद्ध खूनी और विभाजनकारी संघर्ष था, पर अंततः इसने दासता के उन्मूलन और संघ को मजबूत करने की दिशा पकड़ी। 1860 में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस के स्वतंत्रता और एकता के आदर्श सभी अमेरिकियों के लिए अंततः साकार हुए।
