गुरुत्वाकर्षण तरंगें: स्पेस-टाइम के ताने-बाने में रिपल्स
गुरुत्वाकर्षण तरंगें क्या हैं?
ब्रह्मांड को एक विशाल समुद्र की तरह कल्पना कीजिए। गुरुत्वाकर्षण तरंगें उस तरह की लहरें हैं जब पानी में कोई वस्तु गिरती है। अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार, अंतरिक्ष में भारी वस्तुएँ—जैसे न्यूट्रॉन तारे और ब्लैक होल—त्वरित होने पर ऐसी लहरें उत्पन्न कर सकती हैं। ये रिपल्स स्पेस-टाइम के ताने-बाने से होकर गुजरती हैं और अपने स्रोत के बारे में जानकारी लेकर आती हैं।
गुरुत्वाकर्षण तरंगें क्यों महत्वपूर्ण हैं?
गुरुत्वाकर्षण तरंगें कई कारणों से अहम हैं:
- वे आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत को अतिरिक्त समर्थन देती हैं।
- वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के रहस्यमयी घटनाक्रम—जैसे ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारे—का अध्ययन करने देती हैं।
- वे प्रारंभिक ब्रह्मांड और बिग बैंग को समझने में मदद कर सकती हैं।
वैज्ञानिक गुरुत्वाकर्षण तरंगों की खोज कैसे करते हैं?
अधिकांश गुरुत्वाकर्षण तरंग डिटेक्टर तयशुदा दूरी पर रखी वस्तुओं के बीच की दूरी के बहुत सूक्ष्म बदलाव मापते हैं। यदि कोई गुरुत्वाकर्षण तरंग पृथ्वी से गुजरती है तो वह स्पेस-टाइम को थोड़ा खींच या दबा देती है, जिसे यंत्र पकड़ सकते हैं।
सबसे प्रसिद्ध डिटेक्टर LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) है। LIGO के दो डिटेक्टर लगभग ३,००० किलोमीटर दूर-दूर हैं और यह दुनिया भर के ७५ वेधशालाओं के आँकड़े जोड़कर संभावित सिग्नल्स को ट्रायैंगुलेट करता है।
गुरुत्वाकर्षण तरंगों को पकड़ने की चुनौतियाँ
गुरुत्वाकर्षण तरंगें बेहद कमज़ोर होती हैं। उनके स्रोत अक्सर अरबों प्रकाश-वर्ष दूर हैं और यात्रा के दौरान तरंगें कमजोर पड़ जाती हैं। इसके अलावा भूकंपीय शोर या मानवीय गतिविधियाँ भी पकड़ में रुकावट बनती हैं।
पिछली झूठी अलार्म
२०१४ में दक्षिण ध्रुव के पास BICEP2 वेधशाला के वैज्ञानिकों ने दावा किया कि उन्हें ब्रह्मांड की सुबह की गुरुत्वाकर्षण तरंगें मिली हैं। बाद में पता चला कि यह कॉस्मिक धूल का झूठा संकेत था। LIGO के साथ भी अतीत में कुछ फ़ॉल्स पॉज़िटिव आ चुके हैं।
आगामी घोषणा और इसके प्रभाव
गुरुवार को LIGO के वैज्ञानिक एक बड़ी घोषणा करने वाले हैं, जिसमें गुरुत्वाकर्षण तरंगों की डिटेक्शन पर अपडेट दिया जाएगा। विवरण सार्वजनिक नहीं हैं, परिणाम ब्रह्मांड-समझ पर गहरा असर डाल सकते हैं।
यदि LIGO ने सचमुच तरंगें पकड़ ली हैं तो यह भौतिकी की बड़ी सफलता होगी। आइंस्टीन का सिद्धांत पुष्ट होगा और ब्रह्मांड-अध्ययन के नए द्वार खुलेंगे। गुरुत्वाकर्षण तरंगें ब्लैक होल, न्यूट्रॉन तारे और प्रारंभिक ब्रह्मांड के बारे में नई जानकारी देंगी तथा गुरुत्वाकर्षण की प्रकृति को भी उजागर कर सकती हैं।
गुरुत्वाकर्षण तरंगों को पकड़ने के अन्य तरीके
LIGO के अलावा भी कई तरीके तैयार हो रहे हैं—अत्यंत संवेदनशील परमाणु घड़ियों का उपयोग और अंतरिक्ष में उपग्रहों की मदद से माप।
गुरुत्वाकर्षण तरंग अनुसंधान का भविष्य
गुरुत्वाकर्षण तरंगों की पुष्टी भौतिकी की दिशा में एक मील का पत्थर होगी। नए शोधमार्ग खुलेंगे और ब्रह्मांड की हमारी समझ गहरी होगी। वैज्ञानिक LIGO की आगामी घोषणा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं और आशावान हैं कि इससे गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अस्तित्व और प्रमाण मिलेंगे।
