संयुक्त राज्य कैपिटल बमबारी: युद्ध‑विरोधी आतंक का एक कार्य
पृष्ठभूमि
पहले विश्व युद्ध और लुसिटानिया के डूबने के समय, संयुक्त राज्य में तनाव उच्च स्तर पर था। इस अशांति के बीच, हार्वर्ड के पूर्व प्रोफेसर एरिक मूंटर ने अमेरिकी युद्ध में भागीदारी का विरोध करने के लिए कई आतंकवादी हमले किए।
कैपिटल बमबारी
2 जुलाई, 1915 को, मूंटर ने अमेरिकी कैपिटल इमारत के एक खाली अभ्यर्थी कक्ष में घर में बना बम स्थापित किया। विस्फोट से इमारत को संरचनात्मक क्षति हुई, लेकिन कोई जानी‑मानी हानि नहीं हुई। इस घटना ने राष्ट्र को हिला कर रख दिया और युद्ध‑विरोधी भावना को और प्रज्वलित किया।
मूंटर का मकसद
एक जर्मन समर्थक के रूप में मूंटर का लक्ष्य प्रथम विश्व युद्ध में अमेरिकी हस्तक्षेप को बाधित करना था। उनका मानना था कि संयुक्त राज्य को तटस्थ रहना चाहिए और यह युद्ध अवैध है। उन्होंने एक छद्म नाम के तहत बमबारी की जिम्मेदारी लेता एक पत्र लिखा, जिसमें उनके युद्ध‑विरोधी विचार स्पष्ट रूप से दर्शाए गये।
आगे के हमले
कैपिटल बमबारी के बाद, मूंटर ने न्यूयॉर्क सिटी में आतंक के एक अभियान को जारी रखा। उन्होंने एसएस मिनिहाना, जो कि हथियार ले जा रहा था, में टाइमर‑बंद बम लगाया और जे.पी. मॉर्गन जूनियर, जो ब्रिटिश युद्ध प्रयासों का समर्थन करते थे, पर गोली चलाई। उसी अवधि में शहर में हुई अन्य बमबारी में भी मूंटर का संबंध बताया गया।
गिरफ्तार और आत्महत्या
मूंटर के हमले तब रुक गए जब वह मॉर्गन परिवार पर अपने हमले के दौरान पकड़े गए। विडंबना यह है कि उन्हें गिरफ्तार करने में ब्रिटिश राजदूत की मदद ली गई। जेल में रहते हुए मूंटर ने आत्महत्या कर ली, जिससे उनका आतंक समाप्त हो गया।
परिणाम
मूंटर की कार्रवाइयों ने संयुक्त राज्य में बढ़ती युद्ध‑विरोधी भावना को उजागर किया। उनके बमबारी और अन्य आतंकवादी कृत्यों ने सार्वजनिक गुस्सा बढ़ाया और प्रथम विश्व युद्ध में अमेरिकी भागीदारी के खिलाफ आंदोलन को मजबूत किया।
विरासत
संयुक्त राज्य कैपिटल की बमबारी अमेरिकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना बनी हुई है। यह याद दिलाती है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक विचार व्यक्त करने के लिए हिंसा तक क्यों जा सकते हैं। मूंटर के कार्य यह संकेत देते हैं कि आतंकवाद के पीछे की प्रेरणाओं को समझना और उनका समाधान खोजना कितना आवश्यक है, तथा संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल देते हैं।
अतिरिक्त विवरण
- मूंटर ने सीनेट के टेलीफ़ोन स्विचबोर्ड ऑपरेटर की डेस्क के नीचे तीन डाइनामाइट की छड़ें रखी थीं।
- बम से खिड़कियों, किताबों की अलमारियों और फर्नीचर को नुकसान हुआ।
- मूंटर जर्मनी के प्रति सहानुभूति रखते थे और मानते थे कि संयुक्त राज्य को प्रथम विश्व युद्ध में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
- उन्होंने कैपिटल बमबारी की जिम्मेदारी लेता एक पत्र लिखा और अपने युद्ध‑विरोधी विचार व्यक्त किए।
- जे.पी. मॉर्गन जूनियर पर मूंटर का हमला विफल रहा, क्योंकि मॉर्गन जीवित बच गए।
- मॉर्गन परिवार पर हमले के दौरान मूंटर को गिरफ्तार किया गया और जेल में आत्महत्या कर ली।
