Home विज्ञानGeopolitics सीरिया के जहरीले हथियार: मौत का खतरा अभी टला नहीं

सीरिया के जहरीले हथियार: मौत का खतरा अभी टला नहीं

by जैस्मिन

सीरिया के रासायनिक हथियार: एक लम्बा खतरा

पृष्ठभूमि

2013 में सीरियाई सरकार ने अमेरिकी हवाई हमलों के डर से अपने सम्पूर्ण रासायनिक हथियारों के भंडार को सौंप देने की सहमति दी थी। समझौते के तहत इन हथियारों और सम्बन्धित सुविधाओं को देश से बाहर ले जाकर नष्ट किया जाना था। हालाँकि इस प्रक्रिया में लगातार देरी और बाधाएँ आईं।

असद की देरी की रणनीति

अमेरिकी अधिकारी सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद पर जान-बूझकर रासायनिक निरस्त्रीकरण में देरी करने का आरोप लगाते हैं। उनका कहना है कि वह सरिन गैस—एक घातक नर्व एजेंट—के रासायनिक अग्रद्रव्य का एक छोटा भंडार बातचीत में दबाव का साधन बनाए रखे हुए है।

रासायनिक सुविधाओं पर चिंता

समझौते में केवल हथियारों की विदाई ही नहीं, बल्कि उन सुविधाओं के विनाश की भी मांग की गई थी जहाँ उनका भंडारण और उत्पादन होता था। असद इन सुविधाओं से नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं, क्योंकि उन्हें डर है कि भविष्य में इनका इस्तेमाल फिर से रासायनिक हथियार कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने के लिए किया जा सकता है।

क्लोरीन गैस हमले

रासायनिक निरस्त्रीकरण को लेकर जारी तनाव के बीच खबरें आई हैं कि सीरियाई सरकार विद्रोही बलों के खिलाफ क्लोरीन गैस के बमों का इस्तेमाल कर सकती है। क्लोरीन गैस खास प्रभावी हथियार नहीं माना जाता, लेकिन इसके इस्तेमाल से तीव्रता बढ़ने की आशंका जताई जाती है।

क्लोरीन गैस के प्रयोग को सिद्ध करने की मुश्किलें

सीरिया में क्लोरीन गैस के इस्तेमाल की पुष्टि करना मुश्किल है। गैस जल्दी फैल जाती है, जिससे सबूत जुटाना कठिन होता है। इसके अलावा हमलों की जिम्मेदारी को लेकर बहस जारी है—सरकार और विद्रोही दोनों पर आरोप लगे हैं।

देरी और छूटी हुई समय-सीमाएँ

सीरिया के रासायनिक हथियारों के विनाश की मूल समय-सीमा जून 2014 थी। लेकिन सुरक्षा चिंताओं, रसदगीक चुनौतियों और राजनीतिक विवादों के चलते इस प्रक्रिया में बार-बार देरी हुई। अंतिम समय-सीमा अप्रैल 2018 भी बीत चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता

अंतरराष्ट्रीय समुदाय सीरिया में रासायनिक हथियारों की मौजूदगी को लेकर गहराई से चिंतित है। ऐसे हथियारों के इस्तेमाल पर अंतरराष्ट्रीय कानून में रोक है और उनका बना रहना क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है।

कूटनीतिक प्रयास

सीरिया के रासायनिक हथियारों के गतिरोध को दूर करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। निरस्त्रीकरण समझौते के सह-प्रायोजक संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस इन वार्ताओं में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। फिर भी प्रगति धीमी है और कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

सीरियाई संघर्ष के लिए प्रभाव

सीरिया के रासायनिक हथियारों का अनसुलझा मुद्दा व्यापक सीरियाई संघर्ष को जटिल बनाता है। रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से हिंसा बढ़ सकती है और क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है। साथ ही, रासायनिक हथियारों की मौजूदगी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती है।

दृष्टिकोण

सीरिया के रासायनिक हथियार कार्यक्रम का भविष्य अनिश्चित बना हुआ। असद शासन पूरी तरह निरस्त्रीकरण के अंतरराष्ट्रीय दबाव का विरोध करता रहता है, जबकि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का जोखिम लगातार बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने चुनौती है कि वह सीरिया की रासायनिक हथियारों के पूर्ण विनाश और उनके भविष्य के इस्तेमाल को रोकने का कोई रास्ता निकाले।